भारतमाला परियोजना क्या है?
भारतमाला परियोजना केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की एक ऐतिहासिक योजना है। इसके पहले चरण में देशभर में 34,800 किलोमीटर के आधुनिक राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए जा रहे हैं। पश्चिम चंपारण सहित बिहार के कई जिलों में इसके लिए किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई है।
जब सरकार जमीन अधिग्रहीत करती है तो भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत उचित मुआवजा देना उसकी कानूनी जिम्मेदारी है।
"मेरी 3 बीघा जमीन गई थी, लेकिन कागज में कुछ गड़बड़ी की वजह से मुआवजा अटका रहा। ऐसे कैंप की बहुत जरूरत थी — अब उम्मीद है।"
— एक प्रभावित रैयत, ठकराहा अंचल, पश्चिम चंपारणआखिर क्यों छूट जाते हैं कुछ रैयत?
यह सवाल हर किसी के मन में होता है — जमीन गई तो मुआवजा क्यों नहीं मिला? इसके पीछे ये 5 सबसे आम कारण होते हैं:
कैंप शेड्यूल — कब और कहाँ?
25 मई से 1 जून 2025 तक अलग-अलग अंचल कार्यालयों में यह विशेष शिविर आयोजित होगा। नीचे देखें अपने अंचल की तारीख:
जरूरी दस्तावेज — यह 5 कागज साथ लाएं
कैंप में जाने से पहले नीचे दिए सभी दस्तावेजों की मूल प्रति और 2-2 फोटोकॉपी तैयार कर लें:
खतियान / केवाला
जमीन के मालिकाना हक का सबूत — सरकारी भूमि रिकॉर्ड या खरीद-बिक्री का पंजीकृत दस्तावेज
अद्यतन लगान रसीद
नवीनतम जमीन कर की रसीद — अंचल कार्यालय से प्राप्त करें, जितनी नई उतना बेहतर
आधार कार्ड / पैन कार्ड
पहचान सत्यापन के लिए — 50,000 रुपये से अधिक मुआवजे पर पैन कार्ड जरूरी हो सकता है
बैंक पासबुक (फोटोकॉपी)
IFSC कोड, खाता नंबर और नाम स्पष्ट हो — DBT से सीधे खाते में आएगा पैसा
वंशावली
यदि जमीन पूर्वजों के नाम पर है — मुखिया, वार्ड सदस्य या नोटरी से बनवाएं
💡 Pro Tips — इन बातों का खास ध्यान रखें
✓ बैंक खाता नहीं है? नजदीकी CSC केंद्र पर Jan Dhan खाता खुलवाएं — बिल्कुल मुफ्त है
✓ खुद नहीं जा सकते? Notarized Power of Attorney बनाकर परिवार के किसी सदस्य को भेजें
✓ सुबह 10 बजे से पहले पहुँचें — पहले आओ, पहले पाओ
✓ सभी दस्तावेजों की 2-2 फोटोकॉपी साथ रखें — एक कॉपी अपने पास भी रखें
कानून क्या कहता है? — मुआवजे का हिसाब
भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत आपको बाजार मूल्य से कई गुना अधिक मुआवजा पाने का कानूनी अधिकार है:
⚖️ भूमि अधिग्रहण कानून 2013 — मुआवजे का प्रावधान
कैंप में क्या होगा? — 4 आसान चरण
दस्तावेज जमा करें
अपने सभी कागजात कैंप में तैनात अधिकारी के पास जमा करें। वे आपकी पुरानी फाइल का रिकॉर्ड खोजेंगे।
सत्यापन होगा
आपके दस्तावेजों का मिलान सरकारी भूमि अधिग्रहण रिकॉर्ड से होगा। यह पुष्टि की जाएगी कि जमीन आपकी थी।
बैंक खाते की जाँच
आपका बैंक खाता नंबर और IFSC कोड सही है या नहीं, यह देखा जाएगा ताकि पैसा सही जगह जाए।
मुआवजा भुगतान
सत्यापन पूरा होते ही NEFT/RTGS से मुआवजे की पूरी राशि सीधे आपके बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
संपर्क करें
NHAI हेल्पलाइन
1800-11-6486
टोल फ्री | 24x7
जिला कार्यालय, बेतिया
भूमि अधिग्रहण अनुभाग — नंबर अंचल से लें
🚩 यह मौका मत चूकिए — अभी तैयारी शुरू करें
→ 5 दस्तावेज निकालें, फोटोकॉपी करवाएं और एक फाइल में रखें
→ अपने अंचल की कैंप तारीख नोट कर लें
→ यह खबर अपने गाँव-पड़ोस के WhatsApp ग्रुप में शेयर करें
→ बुजुर्ग और अनपढ़ रैयतों को खुद बताएं — यह उनका कानूनी हक है
यह लेख सार्वजनिक जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। सटीक पुष्टि के लिए जिला प्रशासन से संपर्क करें।
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